Tuesday, 30 May 2017

Dard Sayari




खुदा ने जब इश्क़ बनाया होगा, तो खुद आज़माया होगा, हमारी तो औकात ही क्या है, इस इश्क़ ने खुदा को भी रुलाया होगा !!


कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको, चलो ऐसा करो भूला दो मुझको, तुमसे बिछडु तो मौत आ जाये, दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझको!


कोई छुपाता है, कोई बताता है, कोई रुलाता है, तो कोई हंसाता है, प्यार तो हर किसी को ही किसी न किसी से हो जाता है, फर्क तो इतना है कि कोई अजमाता है और कोई निभाता है!


माना की तुम जीते हो ज़माने के लिये, एक बार जी के तो देखो हमारे लिये, दिल की क्या औकात आपके सामने, हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये!


कोई रास्ता नही दुआ के सिवा, कोई सुनता नही खुदा के सिवा, मैने भी ज़िंदगी को करीब से देखा है मेरे दोस्त, मुस्किल मे कोई साथ नही देता आँसू के सिवा.


दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे, यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे, वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का, और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे!


गुजारिश हमारी वह मान न सके, मज़बूरी हमारी वह जान न सके, कहते हैं मरने के बाद भी याद रखेंगे, जीते जी जो हमें पहचान न सके.


प्यार क्या होता है हम नहीं जानते, ज़िन्दगी को हम अपना नहीं मानते, गम इतने मील के एहसास नहीं होता, कोई हमें प्यार करे अब विश्वास नहीं होता.


कशिश तोह बहुत है मेरे प्यार मैं, लेकिन कोई है पत्थर दिल जो पिघलाता नहीं, अगर मिले खुद तो माँगूंगी उसको, सुना है ख़ुदा मरने से पहले मिलते नहीं.


सुकून अपने दिलका मैंने खो दिया, खुद को तन्हाई के समंदर मे डुबो दिया, जो थी मेरे कभी मुस्कराने की वजह, आज उसकी कमी ने मेरी पलकों को भिगो दिया.


तुझे चाहा भी तो इजहार न कर सके, कट गई उम्र किसी से प्यार न कर सके, तुने माँगा भी तो अपनी जुदाई मांगी, और हम थे की इंकार न कर सके।


तेरे गम को अपनी रूह में उतार लूँ, जिन्दगी तेरी चाहत में सवार लूँ, मुलाकात हो तुझ से कुछ इस तरह, तमाम उमर बस इक मुलाकात में गुजार लूँ।


आज हम उनको बेवफा बताकर आए है, उनके खतो को पानी में बहाकर आए है, कोई निकाल न ले उन्हें पानी से.. इस लिए पानी में भी आग लगा कर आए है।



वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी, मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी, उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना, वो नादान है यारो.. अपना हाथ जला लेगी।


दुःख देकर सवाल करते हो, तुम भी जानम कमाल करते हो, देख कर पूछ लिया हाल मेरा, चलो कुछ तो ख्याल करते हो, शहर-ए दिल में ये उदासियाँ कैसी, ये भी मुझसे सवाल करते हो, मरना चाहें तो मर नहीं सकते, तुम भी जीना मुहाल करते हो, अब किस-किस की मिसाल दूँ तुम को, हर सितम बे-मिसाल करते हो।


मेरी बर्बादी पर तू कोई मलाल ना करना, भूल जाना मेरा ख्याल ना करना, हम तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न ओढ़ लेंगे, पर तुम मेरी लाश ले कोई सवाल मत करना!


रास्ते खुद ही तबाही के निकाले हम ने, कर दिया दिल किसी पत्थर के हवाले हमने, हाँ मालूम है क्या चीज़ हैं मोहब्बत यारो, अपना ही घर जला कर देखें हैं उजाले हमने।


मेरी जिन्दगी को तन्हाई ढूँढ लेती है, मेरी हर खुशी को रुसवाई ढूँढ लेती है, ठहरी हुई हैं मंजिलें अंधेरों में कबसे, मेरे जख्म को गमे-जुदाई ढूँढ लेती है!


मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं, आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं, आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं, जहाँ किसी ने कहा था कि ठहरो हम अभी आते है।


दिल पे क्या गुज़री वो अनजान क्या जाने, प्यार किसे कहते है वो नादान क्या जाने, हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का.. कैसे बना था.. घोसला वो तूफान क्या जाने। 💔


दिल का दर्द एक राज बनकर रह गया, मेरा भरोसा मजाक बनकर रह गया, दिल के सोदागरो से दिललगी कर बैठे, शायद इसीलिए मेरा प्यार इक अल्फाज बनकर रह गया।


मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी, बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी, खुदा से दुआ मांगी मरने की लेकिन, उसने भी तड़पने के लिए जिन्दगी दे दी!


मेरी आंखों के आंसू कह रहे मुझसे, अब दर्द इतना है कि सहा नहीं जाता, न रोक पलको से खुल कर छलकने दे, अब यूं इन आंखों में रहा नहीं जाता।


दर्द गूंज रहा दिल में शहनाई की तरह, जिस्म से मौत की ये सगाई तो नहीं, अब अंधेरा मिटेगा कैसे.. तुम बोलो तूने मेरे घर में शम्मा जलाई तो नहीं!!


कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था, सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था, सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है, जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था। 🍂


जब भी करीब आता हूँ बताने के लिये, जिंदगी दूर रखती हैं सताने के लिये, महफ़िलों की शान न समझना मुझे, मैं तो अक्सर हँसता हूँ गम छुपाने के लिये।


हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर, तुझ पर ज़रा भी ज़ोर होता मेरा, ना रोते हम यूँ तेरे लिये.. अगर हमारी ज़िन्दगी में तेरे सिवा कोई ओर होता..


काश उन्हें चाहने का अरमान नही होता, में होश में होकर भी अंजान नही होता, ये प्यार ना होता, किसी पत्थर दिल से, या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता!


दिल में है जो दर्द वो दर्द किसे बताएं, हंसते हुए ये ज़ख्म किसे दिखाएँ, कहती है ये दुनिया हमे खुश नसीब, मगर इस नसीब की दास्ताँ किसे बताएं!


हमीं ने किये.. हम पे जो सितम हुये, उनके सितम तो सारे मरहम हुये, अपनी ही ज़िद थी जो हम-हम हुये, बस ख़ैर है.. थोड़े कम हुये!


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